रविवार, 6 सितंबर 2020

विषय- लॉक डाउन में शिक्षकों की स्थिति # प्रियंका साव जी द्वारा बेहतरीन रचना#

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता(बदलाव मंच)
विषय- लॉक डाउन में शिक्षकों की स्थिति
दिनांक- 04/09/2020
रचनाकारा- प्रियंका साव


              *गुरु ज्ञान बिन जीवन अधूरा*


जीवन के पहले गुरु *माँ,बाप* होते हैं।
जो हमें इस संसार में लाते हैं।

गुरु वो सूरज हैं,
जो हमारे जीवन  को रौशन कर देते हैं।
गुरु वो चाँद हैं, 
जो हमारे जीवन में शीतलता भर देते हैं।

 गुरु वो सागर हैं,
जो अपने शिक्षा की गहराई मे,
हमारे जीवन को ज्ञान से डूबो देते हैं।

गुरु ज्ञान वो अमृत की खान हैं,
जो हमारे जीवन को आत्मविभोर कर देते हैं 

*हाँ वो गुरु ही हैं।*
जो हमारा मार्गदर्शन कराते हैं।
जो हमे पढ़ना और लिखना सिखाते हैं।
हर मुश्किल मोड़ पर,
हमे चलना सिखाते हैं।

हाँ वो गुरु ही हैं।
जो जीवन की हर कठिनाइयों मे
हमे लड़ना सिखाते हैं।
समाज में सबके साथ 
खड़ा होना सिखाते हैं।

हाँ वो गुरु ही हैं।
जो हमें छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी 
परिस्थितियों में जीना सिखाते हैं।

*गुरु के ज्ञान बिना जीवन अधूरा होता है।*

 प्रियंका साव 
 पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल

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