मंगलवार, 22 सितंबर 2020

आज उनका आगमन है#डॉ सत्यम भास्कर भ्रमरपुरिया* जी द्वारा अद्वितीय रचना#

आज उनका आगमन है,* 
*तपिश में भी सावन है,* 
*शहर बड़ा मनभावन है,* 
*दिवस आज एक पावन है.*

*दिये जलाऊँ, खुशियाँ मनाऊँ,* 
*शहर की गलियों को बताऊँ,* 
*दीदार ए दीपक को मैं जो पाऊँ,* 
*ख्वाब ने कहा हकीकत में आ जाऊँ.*

*पल पल अब बस इंतज़ार है,* 
*आ रहा जो यारों का यार है,* 
*खुशनसीबी तो बेकरार है,*
*ख्वाहिश मेरी बेशुमार है.*

*साहित्य ने जिसे मिलाया है,* 
*दोस्त क्या है ये बतलाया है,* 
*आंखों में ये चमक समाया है,* 
*सब बदलाव की ही माया है.*

*डॉ सत्यम भास्कर भ्रमरपुरिया*
*अंतरराष्ट्रीय सचिव, बदलाव मंच*

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