मंगलवार, 8 सितंबर 2020

बदलाव मंच अवश्य बदलाव लाएगा#श्रीमती चंचल हरेंद्र वशिष्ट जी द्वारा बेहतरीन रचना#

'बदलाव मंच ' अवश्य बदलाव लाएगा
साहित्य का प्रकाश हर ओर फैलाएगा '
शिक्षा पाकर ही हर बदलाव है संभव
शिक्षित होकर हर जीवन संवर जाएगा।"

साक्षरता दिवस पर एक रचना शिक्षकों को समर्पित जो ज्ञान पुंज से विश्व को प्रकाशित करते हैं🙏🌷🌷🙏

 : राष्ट्र निर्माता शिक्षक :
      
शीर्षक: ' शिक्षक हैं महान '

शिक्षा का जो जग में अलख जगाते
मानवता का सबको पाठ पढ़ाते
जीवन जीने की कला सिखाते,
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

अज्ञान का अन्धकार मिटाते
विद्या का जो प्रकाश फैलाते
मर्यादा का वो हरदम पाठ पढ़ाते,
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

अनुशासित रहना सिखलाते
सौहार्द्र और सहिष्णुता जगाते
अंधविश्वासों की मन से धुंध हटाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

नित नए ज्ञान का संचार जो करते
सृजन और संस्कार सिखलाते
पथ प्रदर्शक,समाज सुधारक बन जाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

समय का महत्त्व हमें सदा सिखाते
विविध विषयों का जो ज्ञान कराते
कौशल और आत्मविश्वास जगाते
ऐसे इंसान महान हैं, वो शिक्षक महान हैं

अक्षर ज्ञान से चरित्र निर्माण तक,
मानवीय मूल्य और शिष्टाचार सिखाते
ईमानदारी से प्रतिदिन कर्त्तव्य निभाते
ऐसे इंसान महान हैं, वो शिक्षक महान हैं

जो सदैव आगे ही आगे बढ़ना सिखाते
हिम्मत और हौंसला जो नित्य बढ़ाते
हर मुश्किल में जिन्हें साथ है पाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

प्रथम गुरु तात, मात पश्चात जीवन में
जो सर्वोपरि आदर्श गुरु बन जाते
संस्कारित करते और दिशा दिखाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

ज्ञान के अथाह सागर को मस्तिष्क में लिए
जो जीवन को श्रेष्ठ राह पर ले आते
जिनके मार्ग दर्शन से लक्ष्य सुगम हो जाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

 हर ओर ज्ञान की मशाल हैं जो जलाते
साक्षरता की अलख घर घर में हैं जगाते
अक्षर ज्ञान दीप जला जो उजियारा लाते
ऐसे �" 'बदलाव मंच ' अवश्य बदलाव लाएगा
साहित्य का प्रकाश हर ओर फैलाएगा '
शिक्षा पाकर ही हर बदलाव है संभव
शिक्षित होकर हर जीवन संवर जाएगा।"

साक्षरता दिवस पर एक रचना शिक्षकों को समर्पित जो ज्ञान पुंज से विश्व को प्रकाशित करते हैं🙏🌷🌷🙏

 : राष्ट्र निर्माता शिक्षक :
      
शीर्षक: ' शिक्षक हैं महान '

शिक्षा का जो जग में अलख जगाते
मानवता का सबको पाठ पढ़ाते
जीवन जीने की कला सिखाते,
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

अज्ञान का अन्धकार मिटाते
विद्या का जो प्रकाश फैलाते
मर्यादा का वो हरदम पाठ पढ़ाते,
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

अनुशासित रहना सिखलाते
सौहार्द्र और सहिष्णुता जगाते
अंधविश्वासों की मन से धुंध हटाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

नित नए ज्ञान का संचार जो करते
सृजन और संस्कार सिखलाते
पथ प्रदर्शक,समाज सुधारक बन जाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

समय का महत्त्व हमें सदा सिखाते
विविध विषयों का जो ज्ञान कराते
कौशल और आत्मविश्वास जगाते
ऐसे इंसान महान हैं, वो शिक्षक महान हैं

अक्षर ज्ञान से चरित्र निर्माण तक,
मानवीय मूल्य और शिष्टाचार सिखाते
ईमानदारी से प्रतिदिन कर्त्तव्य निभाते
ऐसे इंसान महान हैं, वो शिक्षक महान हैं

जो सदैव आगे ही आगे बढ़ना सिखाते
हिम्मत और हौंसला जो नित्य बढ़ाते
हर मुश्किल में जिन्हें साथ है पाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

प्रथम गुरु तात, मात पश्चात जीवन में
जो सर्वोपरि आदर्श गुरु बन जाते
संस्कारित करते और दिशा दिखाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

ज्ञान के अथाह सागर को मस्तिष्क में लिए
जो जीवन को श्रेष्ठ राह पर ले आते
जिनके मार्ग दर्शन से लक्ष्य सुगम हो जाते
ऐसे इंसान महान हैं,वो शिक्षक महान हैं

 हर ओर ज्ञान की मशाल हैं जो जलाते
साक्षरता की अलख घर घर में हैं जगाते
अक्षर ज्ञान दीप जला जो उजियारा लाते
ऐसे इंसान महान हैं वो शिक्षक महान हैं

हुए आत्मनिर्भर हम जीवन को दिए विविध आयाम हैं
ऐसे राष्ट्र निर्माता शिक्षक गण को मेरा कोटि कोटि प्रणाम है

स्वरचित एवं मौलिक रचना
रचनाकार: श्रीमती चंचल हरेंद्र वशिष्ट
हिन्दी भाषा शिक्षिका,रंगकर्मी एवं कवयित्री
आर के पुरम,नई दिल्ली
08 सितम्बर,2020

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