रविवार, 27 सितंबर 2020

कवि ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम जी द्वारा 'बेटियांँ' विषय पर रचना

विधा:-मुक्तक
विषय:-बेटियां

आखिर बेटियों को
 क्यों लोग बोझ समझते हैं 
बेटों को अच्छा 
और बेटियों को बुरा समझते हैं 
बेटी घर की शान
परिवार की मान होती है 
दो परिवारों का 
सबसे बड़ा सम्मान होती है,
जग में सबसे ज्यादा
 जिम्मेदार होती है
 फिर भी बेटियों की
 तकदीर क्यों खराब होती है।
  एक बेटी ही तो 
सृष्टि का आधार होती है।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम
कानपुर नगर

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