शनिवार, 19 सितंबर 2020

रचनाकारा-योगिता चौरसिया जी द्वारा 'शिक्षक' विषय पर रचना

बदलाव मंच राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय
साप्ताहिक प्रतियोगिता2020
5/8/2020
विधा-पद्य-कविता
विषय-'लॉकडाउन मे शिक्षकों की स्थिति'
रचनाकार-योगिता चौरसिया मंडला म.प्र.
.महामारी कोरोना अब,आपदा बनकर आई है।
 लाकडाउन मे शिक्षकों की स्थिति डगमगाई है।।

. शिक्षक आर्थिक व मानसिक स्थिति से गुजर रहे है।
  स्वाभिमान के चलते,अंदर ही अंदर अब टूट रहे है।।

.शिक्षक अधर पर लटक रहे, अब न कोई आधार हैं।
 लॉकडाउन मे तो,डूब रहा इनका बनाया संसार हैं।।

.ऑनलाईन क्लास लेने, शिक्षक स्कूल भी जाते है।
  ऑनलाईन क्लास मे,क्या बच्चे पढ़ भी पाते हैं।।

. पुरातनकाल से ही,शिक्षक हमारे देश का सम्मान है।
  भविष्य बनाने वाले शिक्षक, हमारे लिए वरदान हैं।।

.  इनके बिना देश मे अंधेरा,छाया रहता अज्ञान हैं।
   ये अज्ञान काअंधेरा दूर कर,करते प्रकाशवान हैं।।

.विटप रोपन मे,प्रकाश संशलेषण क्रिया जरूरी हैं।
  वैसै ही मानव जीवन मे,शिक्षक का ज्ञान जरुरी हैं।।
    योगिता चौरसिया
    अंजनिया मंडला म.प्र.
     इनके चरणों मे मेरा,कोटि कोटि हैं वंदन।
     इनके ज्ञान को बारंबार,हृदय से अभिनंदन।
      भविष्य के निर्माण कर्ता, हैं ये शिक्षक(गुरु)।
      देश के लिए है ये,बच्चों को बनाते चंदन।
सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,🙏🙏

रचनाकारा-योगिता चौरसिया मंडला म.प्र.

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