मंगलवार, 29 सितंबर 2020

कवि सतीश लाखोटिया जी द्वारा 'भगत सिंह' विषय पर रचना

देश की आन बान शान
       *शहीद भगतसिंहजी*
को उनके नाम पर श्रद्धांजलि देने की छोटी सी कोशिश

*भ*  - *भक्त* मातृभूमि का था *वह*
      *भूचाल* लाता था दुश्मनों के   
          खेमे में *वह*

*ग* - *गंगा* की तरह पवित्र था *वह*
     *गलत* बात को
 सहन नही    
   करता था *वह*

*त*- *तख्त* पलटने की मंशा                रखता था *वह*
     *तस्वीर* भारत माँ की दिल में रखता था *वह*

*सिं* - *सिंह* की तरह गर्जना
     करता  था *वह*
   *सिखा* - गया दुनिया को
     देश के लिए मरना *वह*
 
*ह*  - *हक* अदा करके
 गया माटी का *वह*
      *हँसी* *खुशी*- फाँसी पर
चढ़ गया था *वह*

 भारत माँ के    
  वीर सपूत को
   कोटि-कोटि नमन
  
सतीश लाखोटिया 
नागपुर, महाराष्ट्र

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