सोमवार, 21 सितंबर 2020

कवि दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" जी द्वारा रचना (विषय-संबंध)

बदलाव अंतरराष्ट्रीय-रा
दिनाँक -२१-९-२०२०
शीर्षक-"संबंध"
संबंध रिश्ता नाता और जुड़ाव
जिसके साथ जमता है लगाव
जो डालता है हम पर प्रभाव
हम मानते हैं जिसका सुझाव
उससे होता है हमारा सम्बंध

माँ-बाप से खून का संबंध होता है
पत्नी से सिंदूर का संबंध होता है
भाई से दुलार का सम्बंध होता है
बहन से स्नेह का सम्बंध होता है
परिवार से अपनापन का संबंध है

देश से देश प्रेम का सम्बंध होता है
धरती से जन्मभूमि का संबंध होता है
प्रकृति से पर्यावरण का संबंध होता है
खेतों से हरियाली का सम्बंध होता है
जंगल से जानवरों का सम्बंध होता है

पहाड़ से झरनों का सम्बंध होता है
नदियों का सागर से संबंध होता है
जल से मछलियों का संबंध होता है
कुएँ से पानी का सम्बंध होता है
नौका का संबंध दरिया से होता है

बुजुर्गों का सम्बंध होता दादा नाना से 
कथा कहानी का संबंध दादी नानी से
दिल की बात करने का संबंध दोस्त से 
रास्तेका सम्बंध होता अनजान राही से
सफर का संबंध होता है साथ चलनेसे 

चाँद का सम्बंध चाँदनी से होता है
दिनेश का सम्बंध रोशनी से होता है
अंधकार का संबंध रजनी से होता है
साजन का सम्बंध सजनी से होता है
किसान का संबंध किसानी से होता है

पूजा का सम्बंध आरती से होता है
दिया का सम्बन्ध बाती से होता है
धड़कन का संबंध छाती से होता है
सीप का सम्बन्ध मोती से होता है
नेत्र का सम्बन्ध ज्योति से होता है

मित्र का सम्बंध मित्रता से होता है
रोशनी का संबंध सविता से होता है
कवि का सम्बन्ध कविता से होता है
प्रेम का सम्बंध बबिता से होता है
"दीनेश" जीवन का संबंध मृत्यु से है

दिनेश चंद्र प्रसाद "दीनेश" कलकत्ता
रचना मेरी अपनी मौलिक रचना है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें