मंगलवार, 22 सितंबर 2020

कवयित्री गीता पाण्डेय रायबरेली जी द्वारा रचना (विषय - गरीबी)

गरीबी व्यक्त होती है इंसान के परिवेश से।
कपड़े, वाहन, भोजन  और उनके भेष से।
डाले की खटारा गाड़ी में चलती मजदूरिन।
सभ्रांत घर की, महिलाओं को है, फॉर्च्यून।

डाले में ही मिलता है,लिफ्ट देने का स्थान। 
फाॅर्च्यून वाले ऐसी स्थिति में करेंगे प्रस्थान। 
गाड़ी तो है छोटी,पर उनका दिल है महान। 
जो किसी राहगीर को गाड़ी में दे दी स्थान।

✍गीता पाण्डेय रायबरेली,उत्तर प्रदेश

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