मंगलवार, 8 सितंबर 2020

साक्षरता#चंन्द्र प्रकाश गुप्त "चंन्द्र"जी द्वारा धमाकेदार रचना#

विषय -  *साक्षरता* 

अक्षर बृहम्म अरूप है 
      
        साक्षर बृहम्म स्वरूप

निरक्षर तन मन कुरूप है 

        है अक्षर पुरुषोत्तम रूप 

साक्षर बन संधान करो 

 मनुजता ज्ञान अनुष्ठान करो

दूर कलुषित जग का अंधकार करो

मंत्र सब में साक्षरता का संचार करो 

कामधेनु बन सकती है साक्षरता 

साक्षरता है कल्पवृक्ष सी आवश्यकता

प्रज्ञा ज्ञान जगा सकती है साक्षरता 

चरित्र संस्कार दया करुणा जगा सकती है साक्षरता

मानवता का कल्याण कर सकती है साक्षरता

अक्षर बृहम्म अरूप है 

   ‌ ‌साक्षर बृहम्म स्वरूप

निरक्षर तन मन कुरूप है

      हैं अक्षर पुरुषोत्तम रूप

       🙏  वन्दे मातरम्  🙏

      ‌‌ चंन्द्र प्रकाश गुप्त "चंन्द्र" 
       अहमदाबाद , गुजरात
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मैं चंन्द्र प्रकाश गुप्त चंन्द्र अहमदाबाद गुजरात घोषणा करता हूं कि उपरोक्त रचना मेरी स्वरचित मौलिक एवं अप्रकाशित है
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