शनिवार, 12 सितंबर 2020

कवि- आदरणीय संजय कुमार विश्वास जी द्वारा सुंदर रचना..

एक_गीत_की चंद_पंक्तियाँ 

रोज़ दुनिया में हो रहा,इसके चक्कर में खूब  बवाल है 
जो भी पड़ते हैं इश्क में ,उनका होता बड़ा बुरा हाल है

ना कभी बगावत ,ना तो  कभी नफरत किया कीजिए 
हाँ मगर  सोच  समझ  कर  मोहब्बत  किया  कीजिए 
ऐसा ना हो कि जीवन  भर  गमों  को ढोना पड़ जाएँ 
दिन गुजारनी पड़े  बेचैनी  में, रात भर रोना पड़ जाएँ 
क्योंकि हर पल दिल में रहता मेरे इश्क का ख़याल है
जो भी पड़ते हैं इश्क में,उनका होता बड़ा बुरा हाल है

*कवि संजय कुमार विश्वास*
तिसरी ,गिरिडीह ,झारखंड
😊🌹♥🙏🙏🙏🙏

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