शनिवार, 5 सितंबर 2020

संस्कृति का ज्ञान नही जब # नेहाजैन जी द्वारा अद्वितीय रचना#

 संस्कृति का ज्ञान नही जब 
5/9/2020
संस्कृति का ज्ञान नही जब
मातृभूमि का अभिमान नही जब
महाराणा प्रताप और
 शिवाजी को नमन नही जब
महावीर और गौतम को भूल गए जब
सभ्यताओं की समझ नही जब
तो कैसी शिक्षा वह
जो बस डॉक्टर, 
इंजीनियर तैयार करे
परिभाषा शिक्षा की
 ये मैं खण्डित करती हूँ
शिक्षा तो बस वहीं है 
"जो राष्ट्र पर गौरव करना सिखलाए"
देश हित जो काम आए
मानवता का पाठ पढ़ाए
दया धर्म संस्कार सिख लाए
वेदों का सार पढ़ाए
वासुदेव कुटुम्बकम का भान कराए

तस्वीर भारत के स्वर्णिम
 इतिहास की दिखलाए
मंत्र गायत्री के जो सिखलाए
तो   आओ नालंदा, तक्षशिला
को पुनर्जीवित करें
गुरुकुल की फिर रीत चलाएं
आओ अब ये मुहिम चलाए
शिक्षा वही अब भारत मे लाए
जो राष्ट्र पर गौरव करना सिखाए
विज्ञान और तकनीकी का वो ज्ञान 
अधूरा है नही जिसमें 
राष्ट्र गौरव की भावना है
आओ प्रण अब ये करते है
राष्ट्र गौरवार्थ शिक्षा का स्वागत करते हैं

मौलिक 
स्वरचित
नेहाजैन 
4/8/2020

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