बुधवार, 26 अगस्त 2020

कवि विशाल चतुर्वेदी "उमेश" जी द्वारा 'पेड़ पौधे' विषय पर रचना

शीर्षक- पेंड पौँधे 

घर में लगे पेंड पौधे , मेरे जीवन का हिस्सा है ! 
मेरे हर सुख दुख में साथ देने का किस्सा है !!

इनका हर रंग मेरे नयनों को भाता है ! 
जन्म से ही इनसे मेरा बहुत खूबसूरत नाता है ॥ 

तन मन को शीतलता पहुँचाए । 
जो भी इसकी शरण में आए ॥ 

पेड़ पौधे हरित धरा की शान है । 
सृष्टि में हर जीवन की पहचान है ॥ 

इसके प्यार की पावस सब पर समान बरसती है । 
गरीब अमीर बड़े छोटे का भेद कभी ना करती है ॥ 

आओ मिलकर हम इनका जीवन आबाद करें । 
पक्षियों के आशियाने को ना बर्बाद करें ॥ 

रक्षा करें मिलकर हम इनकी , ये जीवन के दाता है । 
इनके छाँव में जीवन अपना , ये ही भाग्यविधाता हैं ॥ 


सर्वमौलिक अधिकार सुरक्षित 
विशाल चतुर्वेदी " उमेश "
जबलपुर मध्यप्रदेश 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें