शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

शशिलता पांडेय की अद्भुत रचना#प्रेम एक क्रांति

  🎁प्रेम एक क्रान्ति🎁
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नव जगत का सृजन करेंगें,
       लायेंगें सर्वत्र एक नई क्रांति।
           जन-जन में प्रीति जगायेंगे,
              मिटायेंगे हम अब सारी भ्रांति।
जगत को नया जीवन देंगे,
   विश्वास और एक नई शाँति।
        जगत का नव निर्माण करेंगें,
           लाकर विश्व में एक प्रेम क्रांति।
सबसें हाथ मिला लेंगें हम,
    प्रीत में है एक अद्भुत शक्ति।
        नफरत की लाठी को तोड़ेगें,
             भेद मिटा कर औरअशांति।
सारी दुनियाँ की दूरी मिटा देंगें,
    होगी हर चेहरों पर नई कांति।
      सारी दुनियाँ का दिल जोड़ेंगे,
         कर लेंगें सारी दुनियाँ की भक्ति।
प्रेम का अहसास एक विश्वाश,
   सम्पूर्ण जगत की मजबूत शक्ति।
        तोड़ नही पाया इसको कोई,
         होती सबसे दमदार ये आशक्ति।
एक दूसरे का लहू बहा कर के,
   नफरत से नफरत बढ़ती जाती।
     ईर्ष्या और नफरत की ज्वाला,
          विध्वंसकारी और विनाशक होती।
नफरत की ज्वाला में जलते विश्व को,
    चाहिए शीतल -जल की प्रेम-शांति।
          एक प्रेम का दीप जलाकर देखो!
             आएगीं कैसी अद्भुत एक प्रेम क्रांति।

💐समाप्त💐 स्वरचित और मौलिक


                सर्वाधिकार सुरक्षित
             लेखिका-शशिलता पाण्डेय

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