गुरुवार, 6 अगस्त 2020

हर घर में आप बसे, सबको करो सहाय,राम कहूं या राजवी, सीताराम कहु रघुराय।

जय श्री राम
हर घर में आप बसे, सबको करो सहाय,
राम कहूं या राजवी, सीताराम कहु रघुराय।

पर्मावतारी, परोपकारी, परम कुपालू परमार्थ,
ना कछु में ओर न जानूं, आप हो बड़े सामर्थ।

मर्यादाकी मूरत हो, शुर्यवंसी परम अवतार
आपमें ही है जिंदगी, और जिंदगी का सार।

मोह, मायाकी नगरी छोडके, प्रभु चले वनवास,
राजधर्म का पालन करके,किया असुरोका नाश।

संत- कबीरा, तुलसी, गुण गावे व्यास ओर दास,
भजन,भाव और महिमाका, वर्णन करे उपन्यास।

आज्ञाकारी, पुरुषार्थ, वचनबद्ध, व्यवहार,
सकल सृष्टि के दाता, "कलम" करे जुहार।

सुथार सुनील एच. "कलम"
एम. पी. सी.सी भांडोत्रा , कंप्यूटर शिक्षक
गाम - रानोल , ता- दांतीवाड़ा, जि- बनासकांठा, 
गुजरात , 385545
ई- मेल : sutharsunil01@gmail.com
मो. 9979363553
दिनांक : ६/८/२०२०

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