शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

कवि रामबाबू शर्मा जी द्वारा 'आन,बान और शान तिरंगा' विषय पर सुंदर कविता की रचना

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  🇳🇪 *आन बान और शान तिरंगा* 🇳🇪
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         आन-बान और शान तिरंगा,
         भारत मां का यह सम्मान है।
         आओ मिलकर करें आरती,
         हमें तिरंगे पर अभिमान है।।
      🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪
        आन-बान और शान तिरंगा,
        अपनापन यह सिखलाता है।
        देश की खातिर शहीद हुए,
        वीरों की याद दिलाता है।।
     🌾🌹🌾🌹🌾🌹🌾
       आन-बान और शान तिरंगा,
       तीन रंगों का यह प्यारा सा।
       हर रंग की पहचान निराली,
       संस्कार संस्कृतियों की भाषा।।
    🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
      आन-बान और शान तिरंगा,
       केसरिया में त्याग भावना।
       सफेद शांति, हरा हरियाली,
       यह उत्तम संदेश सब मानना।।
      🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱
       आन-बान और शान तिरंगा,
       नील चक्र में चौबीस कडियाँ। 
       परिश्रम कर जिम्मेदारी से,
       अपनेपन की फैले खुशियाँ।।
       🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪🇳🇪
       ©®
          रामबाबू शर्मा,राजस्थानी,दौसा(राज.)

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