सोमवार, 31 अगस्त 2020

कवयित्री नीलम डिमरी जी द्वारा 'बिंदिया चमकेगी' विषय पर रचना

नमन वीणा वादिनी
दिनांक--३१/०८/२०२०
विषय-- बिंदिया चमकेगी
विधा--- स्वतंत्र

हाथों में तेरे मेहंदी महकती है,
कानो में तेरे बालियां झूमती हैं,
कर दी जो उजाला मेरे जीवन में,
अभी दिया तेरे माथे पर चमकती है।

पायल के घुंघरू की खनक से,
तेरे नूरानी चेहरे की चमक से,
आसमां के चमकते तारे लाऊं तेरे लिए,
तेरी सुख गुलाब मासूमियत की दमक से।

सुरमा तेरी आंखों पर सजता रहे,
सिंदूर तेरे माथे पर दमकता रहे,
बस छोटी ख्वाहिश हूं तेरी जिंदगी में,
तेरी झुकी आंखों से पर्दा गिरता रहे।

तेरी जुल्फों के चमन में सो जाऊं,
तुझे देख खुशी का पैमाना हो जाऊं,
चम चम करती है बिंदिया तेरी,
बस अब मैं उसका दीवाना हो जाऊं।।


    स्वरचित---- नीलम डिमरी
    गोपेश्वर,,,, चमोली
        उत्तराखंड

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