बुधवार, 26 अगस्त 2020

रचनाकारा आराध्या अरु जी द्वारा ' जेहन में आया कि' विषय पर सुंदर काव्य

"जेहन  में  आया कि"
💕💕💕💕💕💕

बहुत हो चुकी गैरों की जीहुज़री
बहोत  करली मोहब्बत सबसे,
चलो अबके इश्क़ ज़रा कुछ
खुद से भी करके देख लिया जाए:

ज़माने के बंदिशों से खुद को 
 वक़्त रहते रिहा किया जाए,
नहीं होना किसी के उसूलों में कैद,
अपने उसूल अब खुद बनाया जाए:
*®©आराध्या अरु*

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें