सोमवार, 31 अगस्त 2020

कवि बाबूराम सिंह जी द्वारा 'पानी' विषय पर रचना

पानी में....
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भोजपुरी 
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देवन की इक्छा पर सुरसा परिक्षा क इली वीर हनुमान जब जात रहले पानी में ।
छोडी़ के रण मैदान जान लेके आपन भागी ग इल जाके दुर्योधन लूकाइल रहे पानी में ।
सात गो ललनवा जनमाई अपनी तनवा से नारे पुरैनी गंगा फेकी दीहली पानी में ।
गज के पुकार सुनी नंगे पांव धाय हरि गज के बंचवनी मुसकाय सच पानी में ।
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बाबूराम सिंह कवि 
बड़का खुटहाँ , विजयीपुर 
गोपालगंज ( बिहार )
मो0नं0- 9572105032
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