गुरुवार, 27 अगस्त 2020

कवयित्री शालिनी कुमारी जी द्वारा 'जीवन का अफ़साना' विषय पर रचना

 सादर नमन 💐💐🙏🙏

दिनांक : 27/08/2020
विषय : जीवन का अफ़साना 
विधा : हाइकू (एक प्रयास )

जिंदगी को जी ~
उन्मुक्त होकर तू 
विचार कर.. 

कुछ ऐसे तू ~
सपन मधुरी को 
परिमल दें.. 

पहचान हो ~
तेरी परगास सी 
बासर रैनि.. 

चाहे ऊँचाई ~
छू ले तू जितनी 
सुध रखना.. 

धरा पर तू ~
मानवता का पाठ 
संज्ञान रख.. !!

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"शालिनी कुमारी" 
 शिक्षिका (प्रारंभिक विद्यालय)
मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार )


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