शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

कोरोना

कोरोना
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हाय ! रे कोरोना , 
तूने ये क्या कर डाला ? 

सबको तूने बहुत रुलाया , 
सबको तूने बहुत सताया । 
वाह ! रे कोरोना , 
तूने ये क्या कर डाला ? 

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सबको तूने अपना गुण बताया , 
सर्दी, खांसी, श्वासनली में तकलीफ दिखाया । 
वाह! रे कोरोना, 
तूने ये क्या कर डाला ? 

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सबको तूने स्वच्छता का पाठ पढ़ाया,
सबको तूने सामाजिक दूरी का ज्ञान सिखाया । 
 वाह! रे कोरोना , 
 तूने ये क्या कर डाला ? 

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सबको तूने घर में बंद कराया , 
सबको तूने एक साथ रहना सिखाया
वाह! रे कोरोना , 
तूने ये क्या कर डाला ?

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अब हम मानव ने यह सब ठाना,
कोरोना को दूर भगाना । 
जा जा रे कोरोना
भाग जा रे कोरोना ।।

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           जा जा रे कोरोना
          भाग जा रे कोरोना  ।। 

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धन्यवाद
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
भवेश कुमार सुमन 
सहायक शिक्षक
खगड़िया
मो- 8864085045
E-mail- suman.bhavesh@gmail.com

स्वरचित कविता
स्वप्रमाणित

1 टिप्पणी:

  1. हाय रे कोरोना ये तूने क्या कर डाला शीर्षक किसी ओर कवि की रचना है। इसे तोड़ मरोड़ कर तैयार किया गया है।
    धन्यवाद

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