सोमवार, 24 अगस्त 2020

कवि प्रकाश कुमार जी द्वारा रचना

बरसात है तो क्या रुक जाए।
दुश्मन के आगे झुक जाए।।
यदि ले लिया निर्णय तो बढ़ो।
हम क्यों कायर बन झुक जाए।।

प्रकाश कुमार
मधुबनी, बिहार

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