सोमवार, 3 अगस्त 2020

बहन बिना भाई

बहन बिना भाई

जब जब राखी आती है, मुझको रुला कर जाती है,* 
सूनी कलाई, सूना है दिल, बहन नहीं कोई आती है.*

*कहने को तो बहनें है, कोई बहन नहीं बन पाती है,*
*कैसा हूँ मैं, किस हाल में हूँ, खबर लेने नहीं आती है..*

*बहन बिना है जीवन कैसा, हर साँस मुझे बतलाती है,*
*कितना अभागा हूँ मैं यारो, किस्मत वालों के घर ही बहन आती है.*

*अपना दुखड़ा किसको सुनाएँ, आंख मेरी भर आती है,* 
*जीना है अब ऐसे ही तो, धड़कन मुझसे कह जाती है.*

*जब जब राखी आती है, मुझको रुला कर जाती है,* 
*सूनी कलाई, सूना है दिल, बहन नहीं कोई आती है.*
 
*डॉ सत्यम भास्कर भ्रमरपुरिया*

Badlavmanch

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