शनिवार, 25 जुलाई 2020

मेरे देश की धरती

#विषय-मेरे देश की धरती
#प्रमाण-पत्र-यह मेरी मौलिक रचना है।
#कविता-'एक सैनिक का संदेश'

ओ!मेरी जन्मदाता।
तेरी वजह से ही मैं बहुत कुछ पाता।
लेकिन तुझसे भी बढ़कर है,मेरे लिए भाग्य-विधाता।
वो,है,मेरी 'भारत माता'।

ओ!मेरी अर्धांगिनी।
तू,है,मेरी संगिनी।
तो 'भारत माता' है,मेरी सर्वस्व ।
जिसका अनुकरण करता पूरा विश्व ।।

ओ!मेरी बहना अभी है,राखी दूर।
तू,है बस रक्षा-सूत्र बाँधने में चूर।
मैं भी हूँ, मज़बूर।
'भारत-माता' की रक्षा के लिए मरना है मंजूर ।।

ओ!मेरे मार्गदर्शन पिता!
तुझसे है,मेरे जन्मों का नाता।
लेकिन मुझे मातृभूमि-प्रेम भाता।
क्योंकि हम-सब की है,एक 'भारत माता'।।

ओ!मेरी पुत्री, यदि मैं वापस न आऊं।
और देश-हित मिट्टी में मिल जाऊं।
तो रखना लाज तू ,मेरी बेटी।
बन जाना तू भी राष्ट्र-खातिर भारत माता की मिट्टी।।

नाम-रूपा व्यास,
पता-व्यास जनरल स्टोर, न्यू मार्केट, दुकान न.07,'परमाणु नगरी'रावतभाटा
जिला-चित्तौड़गढ़(राजस्थान)
वाट्सएप न.-9461287867
ईमेल-
rupa1988rbt@gmail.com
   
            -सादर धन्यवाद-

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