मंगलवार, 14 जुलाई 2020

भारत की विदेश नीति , भारत - चीन - नेपाल के संबंधों पर

बदलाव मंच 
भारत की विदेश नीति , भारत - चीन - नेपाल के संबंधों पर 

जय हिन्द वंदे मातरम मैं विशाल चतुर्वेदी " उमेश " आप सभी से चीन की  नापाक हरकतों के बारे में भारत की विदेश नीति की बात  करने आया हूँ । जैसा कि हम सभी जानते है हमें अपने पड़ोसियों से अच्छा व्यवहार करना चाहिए क्योंकि पड़ोसी हर सुख दुख में सबसे पहले आता है । परन्तु यदि पड़ोसी का व्यहार मानवता , समाज और संस्कारों के विपरीत हो तो कब तक हम संयम बरतें और बर्दाश्त करें । 
आज यही हाल हमारे पड़ोसी देश चीन का भी है । वह मानवता का दुश्मन,   कुटिल चाल चल रहा है । उसने अपनी कुटिल चालों से भारत ही नही अपितु पूरे विश्व को खतरे में डाल दिया और इस वैश्विक महामारी के समय में भी वाह सिर्फ अपने फायदे के लिए कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारियों को विश्व पटल पर साझा नही कर रहा । इस कोरोना महामारी के समय में भी वह संवेदनहीन होकर , मजबूरियों का फायदा उठाकर अपनी अर्थव्यस्था मजबूत करने में लगा है । 
आजकल चीन हमारे देश कि सीमा का अतिक्रमण करने की ताक  में रहता है परन्तु हमारे वीर सैनिक उनकी हर चाल को अपनी बुद्धि और पराक्रम के दम पर नाकाम कर रहे हैं । 
यदि किसी शक्तिशाली व्यक्ति को हराना है तो सबसे पहले उसकी शक्ति क्षीण कर दो और उसकी शक्ति है उसका भोजन तो सबसे पहले उसका भोजन बन्द करने का उपाय करना चाहिए फिर उसकी मानसिक शक्ति पर प्रहार करना चाहिए ठीक उसी प्रकार चीन की शक्ति है आर्थिक ताकत , हमें सबसे पहले उसकी आर्थिक ताकत पर , अपनी पूरी ताकत से प्रहार करना चाहिए । इसमें सिर्फ सरकार को ही नही अपितु हम सभी देशवासियों को चीन द्वारा बने सभी उत्पादों का प्रयोग बन्द कर देना चाहिए । आजकल संचार क्रांति का वक्त है और सबसे ज्यादा उत्पाद चीन ही बनाता है उससे सिर्फ हमें आर्थिक हानि  ही नही अपितु सुरक्षा दृष्टि से भी सुरक्षित नही है अतः हमें उसका उपयोग किसी भी रूप में नही करना चाहिए ।  चीन की इन सभी कुटिल चालों का सिर्फ एक जबाब है चीनी उत्पादों का बहिष्कार , यदि हमने इस पर अमल किया तो वह आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा और फिर इसका असर उसके रक्षा बजट कम हो जाएगा ।
इसका असर उसकी रक्षाशक्ति पर पड़ेगा और जब वह दोनों मोर्चे पर नाकाम होगा तो उसे भी आटा दाल का भाव मालूम हो जाएगा । 
 नेपाल हमारा बहुत अच्छा पड़ोसी देश है । हमें नेपाल के द्वारा किए जा रहे दावों पर तुरंत प्रतिक्रिया से बचना चाहिए और सर्वप्रथम यह पता लगाना अत्यंत आवश्यक है कि जो देश हमारा सबसे अच्छा मित्र है , वही आज चीन के दृष्टिकोण पर क्यू चल रहा है । नेपाल सरकार कभी भी भारत के विरुद्ध किसी  षडयंत्र में शामिल नही रही , हो सकता है नेपाल में सरकार कि अस्थिरता भी इसका एक कारण हो । 

विशाल चतुर्वेदी " उमेश "
जबलपुर मध्यप्रदेश 

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