शुक्रवार, 10 जुलाई 2020

स्मार्टफोन और जिंदगी


स्मार्टफोन और जिंदगी

बस स्क्रीन ऊपर-नीचे करने में गुजर रही ये जिंदगी
नींद खुलती है तो सामने खूबसूरत प्रोफ़ाइल पिक्चर वाली 
अपनी फोटो को निहारते हुए 
फोन का डेटा ऑन करते ही कई टुनटुनाते हुए संदेश
देख कर ऐसा लगता है मानो कितनी चाहत के साथ हजारों लोग ,"गुड मोर्निंग" का मैसेज कॉपी पेस्ट कर रहे हैं
हम भी बड़े फक्र के साथ दूसरों के आये संदेश ये देख कर 
कॉपी -पेस्ट करते हैं,कहीं उसका ,उसी को न चला जाये
फिऱ शुरू होता है,लाखों करोड़ों इमोजी का तारतम्य
एक मुँह से दिल निकाल रही तो वहीं दूसरी आँखों से 
हमारे शब्दों को हमसे छीन कर प्यार से आँखों पे चश्मा लगाए ये इमोजी ,हमें मुंह टेढ़ा कर के चिढ़ा रही है
और हम भी नासमझ एक पे एक इमोजी से वार कर रहे हैं
फेसबुक,इंस्टाग्राम, टेलीग्राम न जाने इतने ग्रामों का वजन लिए बेधड़क टहल रहे
और शौक से कह रहे हमारे तो 2000 फ़्रेंड हैं
हंसी आती है इस लिस्ट की लंबाई को देख कर 
शायद 2-4 ही हैं हमारे ग़मो में शरीक़ होने वाले 
ये तो हुई थोड़ी दुख की बात और देखिए इधर
पोस्ट की धुंआधार बरसात के कुछ नमूने
आज का लंच फलाने सिंह के साथ 
और डिनर आएंगे नही करने हमारे साथ
फ़ोटो खींच के 2-4 इमोजी बनाकर 
छिड़ जाता है,चिढ़ाने का नया अंदाज
ट्विटर पर शोक मनाये जा रहे
फेसबुक पे मौत की श्रद्धाजंलि दी जा रही
टेलीग्राम पढ़ने की लाइब्रेरी बन गयी
और तो और टिक-टॉक पर तो अपनी शार्ट मूवी भी बन गई
संबंध टाइपिंग के खेल में सिमट कर रह गए 
और हम कहते हैं कि देखो हम स्मार्ट हो गए

रूपाली सिंह

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