शनिवार, 11 जुलाई 2020

चुहिया की चूड़ी

चुहिया की चूड़ी

चुहिया रानी ठुमक - ठुमक कर*
मेला देखने जाएगी।*
पहन ली जूती, फ्रॉक पहन कर*
लाली होंठो लगायेगी।*

पापा से सौ रुपये माँगकर*
और चूड़ियाँ लाएगी;*
लाल, हरी सब रंग की लेकर*
सखियों को ललचाएगी।*

चूड़ी की दुकान में भीड़ लगी है;*
चुहिया को चूड़ी लेनी है;*
भीड़ तोड़ आगे आयी है;*
बिल्ली चूड़ी बेच रही है।*

बिल्ली से अब जान बचाकर*
चीं - चीं करके भाग रही है।*
तोंद से टकराकर भालू की*
बहुत दूर अब लुढ़क गयी है।

कीर्ति जायसवाल
प्रयागराज

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