शनिवार, 25 जुलाई 2020

पैगाम लिख देना

ग़जल , 

पैगाम लिख देना 

* खत में मेरा भी पैगाम लिख देना ,
   डूबते सूरज को भी सलाम लिख देना ।
 
 * कश्ती साहिल तक पहुंच गई है मेरी ,
    संदेशा ये तूफानों के नाम लिख देना ।
   
  * सच कहना मेरी तबियत में  शामिल है ,
     जो भी लिखना हो अंजाम लिख देना ।
  
   * गुनाह गर है अमन ओ चैन की बात करना ,
      तो जो भी हो मेरे लिए इल्जाम लिख देना ।

   *  नशा मोहब्बत का ही बहुत है मेरे लिए सनम . 
       बेशक सारी महफ़िल के हिस्से में जाम लिख देना ।

    *  गिरता रहा , सम्भलता रहा , चलता रहा मै , 
       अब तो मेरे हिस्से में मंजिल ए  मुकाम लिख देना ।

---  डॉ. जयप्रकाश नागला , 
नान्देड़ , महाराष्ट्र

Badlavmanch

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