गुरुवार, 30 जुलाई 2020

आजादी

🌾आजादी 🌾
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भारती सपूतों वीरंगनायें श्रम बलि  से शुभ अवशर ला दी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

सत्य अहिंसा सरस महात्मा गांधी जी अपनाये।
त्याग में तप करके  भारत राष्टृपिता कहलाये।
स्वालम्बी बन चरखा चलाये अपनाये खुद खादी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

विरंगना लक्ष्मीवाई अपना सब न्योछावर कर दी।
खूब लडी़ अंग्रेजों के संग अंग -अंग भय ,दहसत भर दी।
नाकों चना चबवा ब्रिटीश को अपना शौर्य साहस दिखला दी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

वीर सुभाष चन्द्र बोस का जन जन बीच यही था नारा।
दूगां आजादी खून दो सिना तान सबको ललकारा।
अंग्रेजों भारत छोडो का भगत सिंह हलचल मचा दी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

खुदीराम बोस जोश से ब्रिटीश होश ठिकाने कर दी।
खुद फांसी पर झुलकर जन-मानस को जागृत कर दी।
बढें वीर असंख्य तब आगे भाग चले ब्रिटीश उग्रवादी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

आजादी के अलख जगाने वाले थे बहुतेरे ।
लडे़-मरे फांसी पर चढ़ गये कोटिक वीर घनेरे।
असम्भव  है नाम गिनाना सिना था फौलादी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

आजादी को अछुण्ण बनायें यही कर्तव्य हमारा।
एक -नेक हो  रहें  सर्वदा  अपना भारत प्यारा।
विश्वगुरू भारत सदज्ञान की परचम जग में लहरा दी।
सतत् जतन सम्भाल करो निज वतन अनमोल आजादी।

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बाबूराम सिंह कवि
ग्राम -बड़का खुटहाँ ,पोस्ट -विजयीपुर (भरपुरवा )
जिला- गोपालगंज (बिहार )
मो0नं0- 9572105032
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Badlavmanch

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