शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

भारत, चीन और नेपाल(नेहा जैन,ललितपुर)

चीन, नेपाल दोनो ही भारत के पड़ोसी देश है।

कहते है कि रिश्तेदारो से सम्बन्ध भले ही खराब हो जाए पर पड़ोसी से हमेशा सम्बन्ध अच्छे रहने चाहिए किंतु आज दुर्भाग्यपूर्ण बात हैं कि आज दोनो पड़ोसी चीन और नेपाल भारत के शत्रु बन गए हैं
भारत ने चीन को बुद्ध दिया बदले में चीन ने युद्व दिया
नेपाल से भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक समानता रही हैं नेपाल का व्यापार भारत के आयात पर निर्भर रहा है पर आज नेपाल भारत के प्रभाव से दूर होता जा रहा है। जिस चीन के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ महीने पहले मित्रवत व्यवहार किया उसके साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत महावलीपुरम सांझा की आज वो गलबान, डोकलाम, नाथूला, अरुनाचलप्रदेश की तवांग घाटी पर नियत खराब किये हुए। आज तीनो देशो का सीमा विवाद चल रहा है
नेपाल भारत के लिपुलेख के पास सड़क निर्माण से नाराज हैं और भारत द्वारा जारी नक्शे में नेपाल के क्षेत्रों को भारत मे दिखाया गया है लिम्पियधुरा, लिपुलेख,कालापानी घाटी नेपाल के क्षेत्र है अब नेपाल की सरकार पर संसद और जनता का दवाब है कि अब वह भारत को जवाब दे ।
नेपाल के रक्षा मंत्री श्री ईश्वरपोखरियाल ने कहा है कि अब भारत की खिलाफ सैनिक बल प्रयोग करना पड़े तो करेंगे। वही चीन नेपाल में निवेश कर रहा है और नेपाल के एक गांव को अपने नाम भी कर लिया है चीन इसमें अलग अपनी खिचड़ी पकाने की कोशिश कर रहा है औऱ ऐसी बहाने नेपाल को अपनी विस्तार वादिनीति का शिकार बनाना चाहता हैचीन ने तिब्बत जैसे शान्ति प्रिय राष्ट्र के साथ क्या किया सब जानते है
आज चीन अरूणाचलप्रदेश को भी अपना बताता है क्योकि वह मानता है कि वहाँ की संस्कृति तिब्बत जैसी है और तिब्बत उसका हिस्सा है चीन ने गलबान में भारत के साथ धोखा किया हमारे बीस सैनिक शहीद हुए औऱ कोरोना का दंश जिससे आज भी सारे देश जूझ रहे हैं चीन ने कोरोना का सच छिपाकर रखा जिसका खामियाजा आज हम सब उठा रहे है लेकिन इस वैश्विक महामारी में जो भारत ने किया उससे उसका कद और बढ़ा है।सारे देश आज भारत के साथ खड़े हैं और चीन अकेला है अमेरिका ,जापान,इजरायल आदि भारत के साथ है भारत ने चीन के56 app भारत मे बन्द कर दिए हैं जिससे चीन बौखला गया है और नेपाल को भड़कानेमें लगा है दक्षिणी चीन सागर में भी चीन एकाधिकार चाहता है जबकि ये किसी एक देश की धरोहर नहीहै नेपाल के लोग आज भारत के खिलाफ है वे भारत पर अपने देश की संप्रभुता की पर आंच डालने की बात कर रहे हैं इस विषय मे भारत को नेपाल से बात करनी चाहिए ।चाहे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही बात करे पर चुप न रहे । यह चुप्पी गलत संदेश देतीहै  रही बात चीन की वो दुशमन था और दुश्मन ही रहा हम दोस्त बनाते रह गए हमारे सैनिक शहीद हुए उनके कायरता को प्राप्त हुए।
चीन पूरे एशिया पर अपना नियंत्रण चाहता है और भारत को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है
नेहा जैन 
ललितपुर 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें