रविवार, 26 जुलाई 2020

कविता-बेगैरत नापाक

बदलाव साहित्य मंच
दिनांक--26-07-2020
दिन- रविवार

शीर्षक-बेगैरत नापाक
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तू हरदम पिटता रहता है,पर तनिक नहीं शरमाता है।
तेरे आतंकी कर्मों से,पवित्र पाक नाम लजाता है।

नेहरु जिन्ना थे पद लोलुप,दौनों को गद्दी पानी थी।
भारत के टुकड़े करने की,दौनों ने मन में ठानी थी।
भारत माता के काट हाथ,तूने अपना निर्माण किया।
पैदा होते ही फिर तूने,माता के सिर पर वार दिया।
जांबाज भारतीय शूरों ने,तेरे सूअरों को पीट दिया।
नेहरू ने रोक सैनिकों को,माता के सिर में दर्द लिया।। तू हरदम...

65 में कमजोर जान,फिर तूने पीठ में वार किया।
जय जवान जय किसान,शास्त्री जी ने उदधोष किया।
भारत के लाल बहादुर ने,सेना को रण में झोंक दिया।
अमेरिकी पैटर्न टैंकों को,अब्दुल हमीद ने तोड़ दिया।
छोटे से जी नेट ने तेरे,सेबरजेट को पीट दिया।
यु.एन.ओ. ने रोक युद्ध,तुझको फिर जीवन बक्श दिया। ।तू हरदम...

अपने पूर्वी बंगला भाई संग,लूट काट बलात्कार किया।
टिक्का खां जनरल तेरा,कसाई बगांल का नाम लिया।
दिल टीस उठी भारत माँ के,इन्दिरा ने शक्ति रूप लिया।
बंग बन्धु मुजीबुर्रहमान को,निडर होकर सहयोग किया।
भारत के वीर जवानों ने,जालिम को ऐसे ठोक दिया।
90 हजार सैनिकों संग,तेरे जनरल ने माथा टेक दिया।। तू हरदम...

सूना जान सियाचिन हिमनद,तूने अतिक्रमण का सोच लिया।
मेघदूत बन भारतीय,तेरे मनसूबों पर पानी फेर दिया।
1500 फुट ऊँची बर्फ शिला पर,मुशर्रफ ने कायदा चौकी बना दिया।
अँधेरी तूफानी रात मैं चढ,बाना सिंह ने उसको फतह किया।
कायदा पोस्ट का नाम बदल,बाना सिंह पोस्ट का नाम दिया।
21 हजार फुट ऊँचे हिमनद को,कब्रगाह अतिक्रमियों की बना दिया।। तू हरदम...

दिल मिलाने दिल्ली से लाहौर,सदा-ए-सरहद में सफर किया।
अजातशत्रु अटल जी ने,शरीफ समझ नवाज से भेंट किया।
तूने भेज कारगिल मे सेना,विश्वास को फिर से तोड़ दिया।
लदाख सियाचिन जीवन रेखा,को काटने का प्रयास किया।
प्रण ले मन में है निश्चय विजय,वीरों ने जीवन वार दिया।
तेरे नापाक दरिंदों को,अपनी हिम्मत से भगा दिया।। तू हरदम...

तू जीत नहीं सकता रण में,आतंकी दामन थाम लिया।
पा कुछ जयचंदों की शह,तूने धोके से घाव दिया।
मजबूर दिल्ली दरबारी जब,मौन रहा सब सहन किया।
पहुंचा संसद तू ताज में घुसा,उरी पुलवामा अटेक किया।
सेना के हाथ खोल मोदी,तूझे अन्दर घुसकर ठोक दिया।
एफ 16 की बली लेकर,अभिनन्दन भारत माँ का किया।। तू हरदम...
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नाम-रमेश चंद्र भाट
पता-टाईप-4/61-सी, अणुआशा, रावतभाटा।
मो.9413356728

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